< img height="1" width="1" style="display:none" src="//q.quora.com/_/ad/8cb7f305ad04491ba48248a6b9cd04f3/pixel?tag=ViewContent&noscript=1"/>
Neeleshwriter
2020-11-26

इलेक्ट्रीशियन: जानिए विद्युत वाहक बल उत्पन्न कैसे होता है?

आमतौर पर विद्युत वाहक बल भौतिक विज्ञान की एक श्रेणी है परंतु इलेक्ट्रीशियन को इसके बारे में जानना जरूरी होता है। विद्युत वाहक बल किसे रासायनिक क्रिया के फल स्वरुप प्राप्त होता है और इस तरह की युक्ति रासायनिक सेल कहलाती है रासायनिक सेल भौतिक अपघटन के सिद्धांत पर ही कार्य करते हैं जो दो प्रकार के होते हैं जिनका नाम प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल हैं।credit: Needpix.com

प्राथमिक सेल- इसको अंग्रेजी में प्राइमरी सेल कहते हैं। जिन शहरों में रसायनिक क्रिया करने के बाद जो विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है यदि वह विकसित होता है तो वह प्राथमिक सेल कहलाते हैं। यह प्राथमिक सेल कई प्रकार के होते हैं जैसे- वोल्टाइक सेल, डेनियल सेल, लेकलांची सेल, शुष्क सेल, मरकरी सेल, और सिल्वर ऑक्साइड सेल प्राथमिक सेल की श्रेणी में ही आते हैं। और इन सभी सेलो की जानकारी आपको हमारे आने वाले लेखों में मिल जाएगी।

द्रतीय सेल- यदि विद्युत वाहक बल, सैलो में विद्युत ऊर्जा को रासायनिक क्रियाओं के रूप में एकत्र किया जाए और दोबारा से रासायनिक प्रतिक्रियाओं करके उत्पन्न किया जाए तो ऐसे द्वितीयक सेल कहते हैं। जैसे- एसिड सेल, निकल आयरन सेल, तथा निकेल कैडमियम सेल, द्वितीयक सेल की श्रेणी में ही आते हैं। आपको इन सेलो की जानकारी भी हमारे आने वाले लेखों में मिल जाएगी

अर्थात प्राथमिक सेल वे होते हैं जिनका इस्तमाल केवल एक बार किया जाता है और द्वितीयक सेल को दोबारा चार्ज करके इस्तेमाल किया जा सकता है।

यदि आपको जानकारी समझ में आई हो तो हमें फॉलो करके आगे मिलने वाली और जानकारियों को जानिए। और पोस्ट को लाइक करके हमारा साथ देते रहिए।

The views, thoughts and opinions expressed in the article belong solely to the author and not to RozBuzz-WeMedia.
33 Views
2 Likes
1 Shares